Tuesday 29 November 2016



What is the ArthaKranti proposal ?


i. Withdrawal of existing taxation system completely*

 (except customs / import duties)
• All central, state and local government taxes — direct

as well as indirect.




ii. Every transaction routed through a bank will attract a

certain deduction in appropriate percentage (say two per

cent) as a bank transaction tax (BTT) (a single point tax

deducted at source) 

• This deduction is to be effected on receiving / credit

account only


• This deducted amount will be credited to different

government levels like Central, state and local ( as say,

0.7 percent, 0.6 percent and 0.35 percent respectively. )


• Transacting bank will also have a share [say 0.35 percent]

in the deducted amount as the bank has a key role

to perform.




iii.
Cash transactions will not attract any tax.



iv. Withdrawal of high denomination currency. ( say

above Rs 50. )


v.
Government should make legal provisions to restrict

 cash transactions up to a certain limit ( say Rs 2,000. )


This means, cash transactions above this limit will not

 enjoy any legal protection.

Saturday 19 November 2016

सरकार का नोटबंदी निर्णय सराहनीय - स्वागत | काश,नागरिकों के राष्ट्रहित के सुझाव भी माने जाते तो ......


सरकार का नोटबंदी निर्णय सराहनीय - स्वागत.

काश,नागरिकों के राष्ट्रहित के सुझाव माने जाते तो 

सुयोग्य नोटबंदी निर्णय से जनता परेशान नही होती.

.... चंद्रकांत वाजपेयी.






भारत में अधिकाधिक बढ रहा कालाधन रोकनें, करोड़ों रुपयों के जाली
नोटों का चलन थामने, आतंकवादियों को मिल रहे धन को रोकनें और
भ्रष्टाचार-रिश्वतखोरी पर नकेल कसनें के लिए हमारी सरकार द्वारा 500
व 1000 रूपए के नोट बंद करनें का निर्णय उचित है, जिसका मै स्वागत
करता हूँ, सरकार को धन्यवाद देते हुए अभिनन्दन करता हूँ |

आदरणीय प्रधानमंत्री श्री मोदी साहाब कें प्रधानमंत्री बनने की घोषणा और श्रद्धेय राष्ट्रपतिजी कें संसद में अभिभाषण कें करीब दो हफ्ते पूर्व रिजर्व बँक को कहां गया था  सुझाव दिया गया था कि :--

" कृपया अर्थक्रान्ति को लागू करनें व उसे
मूर्तरूप देनें के उद्देश्य से
छोटे या कम मूल्य रूपए के नोटों का चलन
अधिकाधिक करें |"

एटीएमए से पचास रूपए के नोट निकलवाने का
कर्त्तव्य करवाए,|

इस बाबद 50 रूपए एटीएम से निकालने सम्बन्धी सभी सन्दर्भों की
जानकारी भेजें  |


और
  

जितने राशि के पचास रूपए के नोट क्रमगत एटीएम में डाले जाएँ उतनी ही कुल राशि के हजार व पांचसौ रूपए के नोट क्रमगत चलन के बाहर करते जाए |
"


ऐसा करनें से केवल दो-ढाई वर्षों में समस्त कालाधन स्वमेव चलन के बाहर हों जाता और लोगों के हाथ में छोटे नोट रहनें से आज खड़ी हुई समस्याएँ नहीं होती |  ना कतारे लगती, ना नागरिक व सरकारी अमला कष्ट भोगनें के लिए मजबूर होता, , ना हाहाकार मचता और नाही विरोधी राजनेता हुंकार भरने के लिए खड़े होते | शान्ति, प्रसन्नता और समृद्धि का वातावरण रहते आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विचारों और योजना की सहज रूप से स्थापना हों जाती |


लेकिन दुर्भाग्य से अपनें देश में सामान्य व गैरराजनीतिक व्यक्ति या 

गैरराजनैतिक संगठनों की बात, सरकारी अमला और राजनेता अक्सर
नहीं सुनते या नहीं मानते है, क्योंकि शायद इस बाबद कोई बंधन नहीं
है, अतएव यह चित्र बदलनें की जरुरत है |


अत: सभी सरकारें और सरकारी प्रशासनिक अधिकारीयों को बंधन हों
कि वे नागरिकों द्वारा देश एवं नागरिक सुरक्षा तथा प्रगति से जुड़े
सुझावों को मानें, और सुझाव प्रेषणकर्ताओं को उनके सुझाव पर लिए
गए निर्णय की लिखित जानकारी शीघ्र प्रेषित करे, यह भारत सरकार से
अपेक्षित और निवेदित है |


.....
चंद्रकांत वाजपेयी
. ( काका )
.      औ रं गा बा द   ( म हा रा ष्ट्र )
ई-मेल : chandrakantvjp@gmail.com

सरकार का नोटबंदी निर्णय सराहनीय - स्वागत | काश,नागरिकों के राष्ट्रहित के सुझाव भी माने जाते तो ......



सरकार का नोटबंदी निर्णय सराहनीय - स्वागत.

काश,नागरिकों के राष्ट्रहित के सुझाव माने जाते तो 


सुयोग्य नोटबंदी निर्णय से जनता परेशान नही होती.

.... चंद्रकांत वाजपेयी.


भारत में अधिकाधिक बढ रहा कालाधन रोकनें, करोड़ों रुपयों के जाली

नोटों का चलन थामने, आतंकवादियों को मिल रहे धन को रोकनें और

भ्रष्टाचार-रिश्वतखोरी पर नकेल कसनें के लिए हमारी सरकार द्वारा 500

व 1000 रूपए के नोट बंद करनें का निर्णय उचित है, जिसका मै स्वागत

करता हूँ, सरकार को धन्यवाद देते हुए अभिनन्दन करता हूँ |


आदरणीय प्रधानमंत्री श्री मोदी साहाब कें प्रधानमंत्री बनने की घोषणा

और श्रद्धेय राष्ट्रपतिजी कें संसद में अभिभाषण कें करीब दो हफ्ते पूर्व

रिजर्व बँक को कहां गया था " कृपया अर्थक्रान्ति को लागू करनें व उसे

मूर्तरूप देनें के उद्देश्य से छोटे या कम मूल्य रूपए के नोटों का चलन

अधिकाधिक करें, एटीएमए से पचास रूपए के नोट निकलवाने का

कर्त्तव्य करवाए,
 इस बाबद 50 रूपए एटीएम से निकालने सम्बन्धी सभी

सन्दर्भों की जानकारी भेजें और जितने राशि के पचास रूपए के नोट

क्रमगत एटीएम में डाले जाएँ उतनी ही कुल राशि के हजार व पांचसौ

रूपए के नोट क्रमगत चलन के बाहर करते जाए | "


ऐसा करनें से केवल दो-ढाई वर्षों में समस्त कालाधन स्वमेव चलन के 

बाहर हों जाता और लोगों के हाथ में छोटे नोट रहनें से आज खड़ी हुई 

समस्याएँ नहीं होती |  ना कतारे लगती, ना नागरिक व सरकारी अमला 

कष्ट भोगनए के लिए मजबूर होता, , ना हाहाकार मचता और नाही 

विरोधी राजनेता हुंकार भरने के लिए खड़े होते | शान्ति, प्रसन्नता और 

समृद्धि का वातावरण रहते आदरणीय प्रधानमंत्री जी के विचारों और 

योजना की सहज रूप से स्थापना हों जाती |

लेकिन दुर्भाग्य से अपनें देश में सामान्य व गैरराजनीतिक व्यक्ति या 

गैरराजनैतिक संगठनों की बात, सरकारी अमला और राजनेता अक्सर

नहीं सुनते या नहीं मानते है, क्योंकि शायद इस बाबद कोई बंधन नहीं

है, अतएव यह चित्र बदलनें की जरुरत है |


अत: सभी सरकारें और सरकारी प्रशासनिक अधिकारीयों को बंधन हों

कि वे नागरिकों द्वारा देश एवं नागरिक सुरक्षा तथा प्रगति से जुड़े

सुझावों को मानें, और सुझाव प्रेषणकर्ताओं को उनके सुझाव पर लिए

गए निर्णय की लिखित जानकारी शीघ्र प्रेषित करे, यह भारत सरकार से

अपेक्षित और निवेदित है |


.....
चंद्रकांत वाजपेयी
. ( काका )

.      औ रं गा बा द   ( म हा रा ष्ट्र )

ई-मेल : chandrakantvjp@gmail.com

Monday 14 November 2016

NECESSARY NEED OF INFORMATION FROM THE GOVT, OF INDIA.


NECESSARY NEED OF INFORMATION
FROM THE GOVT, OF INDIA.


All the honorable Ministers
 & Chief Secretaries of  . PMO India, Finance Ministry and Foreign Affair Ministry India,


With due respect I beg to state that the ban on 500 - 1000 Rupee notes is a great historical and bold decision.


I appreciate, support and welcome our Hon'ble PM
Shri Narendra Madi Saheb for this bold decision.

Yes for security and betterment of India this bitter but necessary bold decision is raising troubles for a short period to the citizens but I believe that the people of our country are patriotic and they are happily ready to suffer for some days and bear troubles.

Its very good that in India the Govt. has arranged successful system for changing of currency through banks. But it has come to know from social media and my personal talks in New York, " The Indians who are temporarily residing or travelling abroad particularly in New York are not finding INR, so that they are in trouble very much."  I think they may be facing fear too.

Please essentially read following copied Facebook Post.
The answer of same Facebook post is necessarily needed as early as possible from concerning Ministers / Chief Secretaries to the Indian people who are residing in New York for some days.


FACEBOOK POST :--

Guys...If anyone has any idea of how to convert INR cash

into local currency, please suggest.


At present, in New York


1. SBI has denied taking INR cash.


2. Forex exchange outlets has also stopped taking INR.

3. Anyone going to India is a limited option and that

individual cannot carry huge amount.


So, all those who are very actively advertising this move

(which I personally also find a good one) should suggest

what people outside India and having cash should do?

Any idea? Please feel free to put in comments so that

everyone gets info on this.



I am sure that our Hon'ble PM Shri Narendra Modi saheb, FM Shri A
run jaitley Saheb, FAM Smt. Sushma Swaraj Didi & all the concerned Chief Secretaries will early provide required information as asked in above mentioned Face-book Post.


Awaiting reply.  Thank you.
With warm regards

CHANDRAKANT VAJPEYI.
Sr. Citizen, Non Political Social Worker 
Aurangabad. Maharashtra.
Email : chandrakantvjp@gmail.com 

Sunday 30 October 2016

सीमा पर तैनात प्रहरीयों को कोटि कोटि नमन.

कोटि कोटि नमन, सुस्वस्थ शतायु 
यशस्वी जीवन की कामना एवं परमेश्वर से प्रार्थना.
चंद्रकांत वाजपेयी. जेष्ठ नागरिक, औरंगाबाद.

दिवाळीच्या शुभेच्छां.

Thursday 30 June 2016

अन्ना कैसे और क्यों बने भारत के नए गांधी ?

अन्ना कैसे  और  क्यों बने भारत के नए गांधी  ?

मै भी अन्ना, तू भी अन्ना, चारों तरफ अन्ना ही अन्ना, 


शान्ति पूर्ण अहिंसक आंदोलन के सफल नायक रहे है अन्ना, 


करोड़ों भारतवासियों के हृदय की धडकन बन गए ये अन्ना,

सुबह अन्ना, दोपहर अन्ना, शाम को अन्ना,सपनों में भी छाए अन्ना

सड़क पर अन्ना, घर में अन्ना, दफ्तरों में, संसद में अन्ना ही अन्ना.Image result for अन्ना हजारे

लोकपाल, लोकायुक्त से भ्रष्टाचारमुक्त भारत की स्थापना के प्रणेता अन्ना

जनता खातिर कष्ट भोगते रहे सबके अन्ना, आरटीआय के पुरोधा अन्ना, 

भ्रष्टाचारी मंत्रियों के शत्रु अन्ना, सत्ता परिवर्तन के बीज रहे अन्ना,

जनलोकपाल आंदोलन के नायक रहे अन्ना, जन जन से मिलते अन्ना

जन आन्दोलनों से इतनें अधिक थके अन्ना कि मेंदांता में भर्ती अन्ना,

किन्तु फिर भी जनता की पुकार अन्ना, 
हर पहले समाचार में अन्ना,

रेडियो बजे तो अन्ना, टेलीविजन पर अन्ना सबके अन्ना, केवल अन्ना |

भलेही आज नहीं दिखते अन्ना, पर जल्दी लोकपाल ना आए तो 


फिर से अन्ना ही अन्ना | दमक उठेंगे फिर से भारतीयों के अन्ना 

प्रिय शासकों, अब विरोधी पक्ष के नेता की बात को ज़रा छोड़ देना,

या

कुछ नया तरिका खोजना, कृपया मानसून सत्र में ही हल ढूंढ लेना,

अच्छा होगा कि अब लोकपाल व लोकायुक्त की नियुक्ति हों ही जाना, 

संसद में पारित प्रस्ताव व राष्ट्रपति के आदेश की अवहेलना ना होंना 

यही मेरे सहित जनता की कामना, 

और फिर से एक बार विनम्र प्रार्थना, 

नहीं तो फिर हर भारतीय बनेगा अन्ना, 

अन्ना, अन्ना - अन्ना, अन्ना, अन्ना |

...... चंद्रकांत वाजपेयी (काका)

जेष्ठ नागरिक, औरंगाबाद (महाराष्ट्र)